आवास बनना आम आदमी के बस से दूरसामग्रियों की कीमतें बढ़ने से परेशानी

यासीन शेख द्वारा
गोरेगांव — तहसील में इन दिनों अधूरे आवास एक बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहे हैं यहां प्रतिवर्ष सामग्रियों की बढ़ती हुई कीमतों से आवास बनना मुश्किल हो रहा है एक ओर अपने आवास का बांधकाम पूरा करने लाभार्थियों को कर्ज बंजारी होना पड़ रहा है तो वहीं अनेक लाभार्थियों के घरकुल वर्षों से अधूरे पड़े है इसका मुख्य कारण सीमेंट ईटे रेत लोहा जैसे सामग्रियों की बढ़ती हुई कीमतें है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने सन् 2016 से आवास योजना की निधि में बढ़ोतरी नहीं की है यहां ग्राम पंचायत लेवल पर पंतप्रधान आवास योजना तथा रमाई योजना के तहत 1 लाख 50 हजार निधि प्राप्त होती है तो वहीं नगर पंचायत के तहत 2 लाख 50 हजार रुपए निधि लाभार्थियों को दी जाती है लेकिन दिनोंदिन सामग्री की कीमतों में प्रतिवर्ष लगातार वृद्धि हो रही है. महंगाई के कारण मंजूर किए गए घरकुल अपूर्ण अवस्था में है. नतीजतन लाभार्थियों को बारिश, सर्दी और गर्मी के दिनों में अपूर्ण आवास में मजबूरन जीवनयापन करना पड़ रहा है जिसमें अनेक लाभार्थी किराए के मकानों में दिन काट रहे हैं महंगाई चरम पर है ईंट, सीमेंट, लोहा, रेत, दरवाजे, खिड़कियां और श्रम की लागत में प्रति वर्ष लगातार वृद्धि के कारण, 275 वर्ग फुट जगह में एक घर के निर्माण में सरकार के निर्धारित मानदंड से अधिक रुपए खर्च होते हैं चूंकि घरकुल लाभार्थी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है और महंगाई अपने चरम पर है इसलिए घरकुल भविष्य में ख्वाब बनकर न रह जाए ऐसे में घरकुल की लागत में वृद्धि बेहद जरूरी है जिसकी मांग लाभार्थियों द्वारा अनेकों बार की गई परंतु प्रशासन इस विषय पर लगातार अनदेखी करने में लगा हुआ है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों के साथ अन्याय
इस बीच इस विषय पर ग्राम चीजगांव सरपंच भुमेश्वरी रहांगडाले ने कहा कि बढ़ी हुई महंगाई के कारण आवास योजना की निधि कम पड़ रही है. सरकार ने संशोधन कर इसे 3.50 लाख रु. निधि उपलब्ध कराना चाहिए. शहरी क्षेत्र के आवास योजना के लाभार्थियों को 2.50 लाख रु की निधि देकर ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों को 1.50 लाख रु. का निधि देना ग्रामीण लाभार्थियों के साथ अन्याय है

लागत का सर्वे करें प्रशासन
इस विषय पर गोरेगांव पूर्व नगर अध्यक्ष आशीष बारेवार ने कहा कि बढ़ती हुई महंगाई में अधूरे आवास एक गंभीर विषय बन गया है यहां योजना की वर्तमान लागत का सर्वेक्षण कर राज्य एवं केंद्र सरकार के माध्यम से आवास योजना का निधि लगभग 4 लाख रुपए करना चाहिए. ताकि बेघरों को आसानी के साथ आवास निर्माण करने में सहायता होगी हमारे कार्यकाल के दौरान अनेकों बार इस विषय को प्रशासन के समक्ष रखा गया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *